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लखनऊ में हाई कोर्ट के अधिवक्ता
मैं हाई कोर्ट, लखनऊ बेंच और लखनऊ की अदालतों व अधिकरणों में ज़मानत और आपराधिक मामलों, संपत्ति और पारिवारिक विवादों, सेवा मामलों, रिट याचिकाओं, चेक बाउंस और व्यावसायिक मामलों में पैरवी करता हूं।
सेवा मामले (सर्विस मैटर्स)
- निलंबन (सस्पेंशन) और जीवन निर्वाह भत्ता
- कारण बताओ नोटिस, आरोप पत्र और विभागीय जांच
- दंड आदेश और उनके विरुद्ध विभागीय अपील
- पदोन्नति, वरिष्ठता और प्रतिकूल प्रविष्टि
- वेतन निर्धारण, वेतन वृद्धि और वेतन से वसूली
- पेंशन, पारिवारिक पेंशन, ग्रेच्युटी और अवकाश नकदीकरण
- स्थानांतरण, भर्ती और चयन सूची के विवाद (UPSESSB, UPPSC, UPSSSC आदि)
- संविदा और तदर्थ कर्मचारियों का नियमितीकरण, अनुकंपा नियुक्ति
आपका मामला कहां सुना जाएगा
- उत्तर प्रदेश सरकार के कर्मचारी: सामान्यतः उत्तर प्रदेश लोक सेवा अधिकरण, लखनऊ में क्लेम पिटीशन, विभागीय अपील के बाद।
- केंद्र सरकार के कर्मचारी: केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (CAT), लखनऊ बेंच।
- सहायता प्राप्त विद्यालयों और विश्वविद्यालयों के शिक्षक व कर्मचारी, भर्ती के अभ्यर्थी: हाई कोर्ट, लखनऊ बेंच में अनुच्छेद 226 के तहत रिट याचिका।
अन्य मामले
- अग्रिम ज़मानत, नियमित ज़मानत और FIR रद्द कराने की याचिका
- संपत्ति और ज़मीन के विवाद: स्वामित्व, कब्ज़ा, बंटवारा, अतिक्रमण और राजस्व न्यायालय
- तलाक, भरण-पोषण, घरेलू हिंसा और बच्चों की अभिरक्षा
- रिट याचिकाएं: सरकारी आदेशों और निष्क्रियता के विरुद्ध
- चेक बाउंस (धारा 138) और पैसों की वसूली
- व्यावसायिक विवाद और मध्यस्थता (आर्बिट्रेशन)
- उपभोक्ता शिकायतें और साइबर अपराध
- विदेश में रहने वाले भारतीयों (NRI) के संपत्ति और पारिवारिक मामले
- कानूनी नोटिस, अनुबंध और RTI आवेदन व अपील
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उत्तर प्रदेश के सरकारी कर्मचारी को आरोप पत्र मिला है? नियम क्या कहते हैं
संपर्क
फ़ोन और WhatsApp: +91 76520 85854
ईमेल: shivanshu@shivanshu.co.in
चैंबर: हाई कोर्ट, लखनऊ बेंच, गोमती नगर, लखनऊ
सोमवार से शनिवार, पूर्व समय लेकर।